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आतंकी साजिश का पर्दाफाश: एनआईए के हाथ में कमान

Jammu LeT Module Bust मामले ने सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है, जिसके बाद अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को इस पूरे नेटवर्क की जांच सौंपी जा सकती है। जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा लश्कर-ए-तैयबा के एक बड़े अंतरराज्यीय मॉड्यूल का भंडाफोड़ किए जाने के बाद यह साफ हो गया है कि आतंकियों के तार देश के कई राज्यों तक फैले हुए हैं।

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सऊदी अरब से टेरर फंडिंग का सनसनीखेज खुलासा Jammu LeT Module Bust की जांच में जो सबसे चौंकाने वाली बात सामने आई है, वह है टेरर फंड का विदेशी कनेक्शन। सुरक्षा एजेंसियों को पुख्ता सबूत मिले हैं कि इस मॉड्यूल को चलाने के लिए पैसा सऊदी अरब और कुछ अन्य देशों से आ रहा था। गिरफ्तार आतंकियों ने फर्जी दस्तावेजों और पासपोर्ट के आधार पर पूरे देश में अपना जाल फैला रखा था।

मलेरकोटला से लेकर राजस्थान तक फैले आतंकी तार लश्कर-ए-तैयबा के दो इनामी आतंकियों, अब्दुल्ला उर्फ हुरैरा और उस्मान की गिरफ्तारी के बाद यह पता चला है कि उनका नेटवर्क पंजाब, हरियाणा के नूंह और राजस्थान तक फैला हुआ था। Jammu LeT Module Bust की इस कार्रवाई में श्रीनगर से उनके तीन स्थानीय साथियों को भी पकड़ा गया है, जबकि कई अन्य संदिग्धों से कड़ी पूछताछ जारी है।

विदेश भागने की फिराक में थे मास्टरमाइंड जांच में खुलासा हुआ है कि 10-10 लाख के इनामी ये दोनों आतंकी फर्जी पासपोर्ट के जरिए देश छोड़कर भागने की तैयारी में थे। Jammu LeT Module Bust की सफलता ने एक बड़े विदेशी षड्यंत्र को समय रहते नाकाम कर दिया है। एनआईए अब इस मामले के हर उस पहलू को खंगालेगी जो देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है।

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