अमित शाह ने गोवा के डोना पाउला में आयोजित एक उच्चस्तरीय सम्मेलन में देश की आंतरिक सुरक्षा और आतंकवाद विरोधी अभियानों को लेकर अब तक का सबसे बड़ा ब्योरा पेश किया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि मोदी सरकार ने देशद्रोहियों, अपराधियों और आर्थिक घोटालेबाजों के खिलाफ जीरो-टॉलरेंस की नीति अपनाई है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!केंद्रीय गृह मंत्री ने बताया कि साल 2019 से लेकर जुलाई 2026 तक दुनिया के 36 अलग-अलग देशों से 274 बड़े भगोड़ों का सफल प्रत्यर्पण कराकर उन्हें भारतीय अदालतों के कटघरे में खड़ा किया गया है। इसके अलावा 17,874 करोड़ रुपये की अवैध संपत्तियां भी जब्त की जा चुकी हैं।
मुख्य आंकड़े और त्वरित बिंदु: ऑपरेशन भारत-पोल
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प्रत्यर्पित भगोड़े: 2019 से जुलाई 2026 के बीच 36 देशों से कुल 274 अपराधी भारत लाए गए।
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रेड कॉर्नर नोटिस: बीते तीन वर्षों में 401 नोटिस पर एक्शन; अकेले 2026 में 182 नोटिस सफलतापूर्वक प्रोसेस।
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जब्त संपत्ति: भगोड़ों और गैंगस्टरों की 17,874 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति कुर्क।
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एजेंसियों का समन्वय: ‘भारत-पोल’ व्यवस्था के तहत 14 से अधिक केंद्रीय एजेंसियां और सभी राज्यों की पुलिस एक मंच पर।
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नक्सलवाद पर प्रहार: तिरुपति से पशुपतिनाथ तक फैले रेड कॉरिडोर का खात्मा, पूर्वोत्तर में 10 हजार उग्रवादियों का सरेंडर।
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कनविक्शन रेट: नए आपराधिक कानूनों के लागू होने से गोवा में सजा की दर 22% से बढ़कर 53.2% हुई।
2014 का दौर और मोदी सरकार के सामने मौजूद 3 बड़ी चुनौतियां – अमित शाह
गृह मंत्री ने कहा कि जब 2014 में नरेंद्र मोदी ने देश की बागडोर संभाली थी, तब भारत बेहद गंभीर सुरक्षा संकटों से जूझ रहा था। उस समय देश के सामने तीन नासूर जैसी चुनौतियां थीं—जम्मू-कश्मीर का बेलगाम आतंकवाद, पांच दशक पुराना नक्सलवाद और पूर्वोत्तर के दर्जनों उग्रवादी संगठन।
उन्होंने याद दिलाया कि उस दौर में देश के प्रमुख शहरों में आए दिन सिलसिलेवार बम धमाके होते थे। कानून-व्यवस्था की बदहाली और महिलाओं की असुरक्षा को लेकर जनता सड़कों पर उतरने को मजबूर थी।
मोदी सरकार ने सत्ता में आते ही इन सभी समस्याओं की जड़ों पर सीधा प्रहार करने की सुनियोजित रणनीति तैयार की, जिसका असर आज देश के कोने-कोने में साफ दिखाई दे रहा है।
धारा 370 का खात्मा और पूर्वोत्तर में शांति का नया युग
जम्मू-कश्मीर की स्थिति का जिक्र करते हुए अमित शाह ने कहा कि 2019 में अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद घाटी में अलगाववाद की कमर टूट चुकी है। वहां आतंकी घटनाओं के आंकड़े तेजी से शून्य की ओर बढ़ रहे हैं और कश्मीरी युवा अब पत्थरों की जगह किताबें और लैपटॉप थाम रहे हैं।
पूर्वोत्तर का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने विभिन्न विद्रोही गुटों के साथ 14 से अधिक शांति समझौते किए हैं। इसके चलते करीब 10,000 हथियारबंद युवाओं ने हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में वापसी की है।
नक्सलवाद पर उन्होंने कहा कि कभी तिरुपति से पशुपतिनाथ तक देश को बांटने का सपना देखने वाले नक्सली नेटवर्क अब इतिहास के पन्नों में सिमट चुके हैं। सुरक्षा बलों के सटीक ऑपरेशनों ने जंगलों में आतंकियों के सुरक्षित ठिकानों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है।
‘भारत-पोल’ सिस्टम और 2029 तक नशामुक्त भारत का संकल्प
विदेश भाग जाने वाले आर्थिक अपराधियों और गैंगस्टरों को पकड़ने के लिए केंद्र सरकार ने ‘भारत-पोल’ नामक एक अत्याधुनिक अंतर-एजेंसी समन्वय तंत्र तैयार किया है। इसके जरिए राज्य पुलिस और 14 से ज्यादा राष्ट्रीय जांच एजेंसियां इंटरपोल के साथ मिलकर रियल-टाइम कार्रवाई कर रही हैं।
साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए ‘1930’ राष्ट्रीय हेल्पलाइन को एक अचूक हथियार के रूप में स्थापित किया गया है, जिसकी सीधी मॉनिटरिंग खुद प्रधानमंत्री कार्यालय करता है।
#WATCH | Dona Paula, Goa: Union Home Minister Amit Shah says, “If we look back today under the leadership of PM Modi from 2019 till now, after the removal of Article 370 in J&K, the feeling of separatism has reduced a lot. The figures of terrorism appear to be gradually shrinking… pic.twitter.com/FXnCllFuUi
— ANI (@ANI) September 6, 2026
ड्रग्स तस्करी पर चेतावनी देते हुए गृह मंत्री ने कहा कि नशीले पदार्थों का काला कारोबार सीधे ‘नार्को-टेरर’ से जुड़ा है। इसका इस्तेमाल देश विरोधी गतिविधियों की फंडिंग के लिए किया जाता है। केंद्र सरकार ने वित्तीय कड़ियों को तोड़कर 2029 तक भारत को पूरी तरह ‘नशामुक्त’ बनाने का ठोस रोडमैप लागू कर दिया है।
#WATCH | Dona Paula, Goa: Union Home Minister Amit Shah says, “If we look back today under the leadership of PM Modi from 2019 till now, after the removal of Article 370 in J&K, the feeling of separatism has reduced a lot. The figures of terrorism appear to be gradually shrinking… pic.twitter.com/FXnCllFuUi
— ANI (@ANI) September 6, 2026
नए आपराधिक कानूनों का जमीनी असर और भविष्य का रोडमैप
देश में लागू किए गए तीन नए आपराधिक कानूनों की सफलता का उदाहरण देते हुए उन्होंने गोवा पुलिस की विशेष सराहना की। नए कानूनों के सख्त अमल से गोवा में दोषसिद्धि दर (Conviction Rate) 22 प्रतिशत से छलांग लगाकर 53.2 प्रतिशत पर पहुंच गई है।
गृह मंत्री ने विश्वास जताया कि पुराने लंबित मामलों के निपटते ही यह कनविक्शन रेट 70 प्रतिशत के पार पहुंच जाएगा। इससे अपराधियों में कानून का खौफ पैदा होगा और पीड़ितों को तय समय-सीमा के भीतर त्वरित न्याय मिल सकेगा।
भारत अब न केवल अपनी सीमाओं के भीतर सुरक्षित है, बल्कि सात समंदर पार बैठे दुश्मनों को भी कानून के कटघरे में खींच लाने में पूरी तरह सक्षम बन चुका है।





