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Katihar Storm News: प्रकृति का कहर, आंधी और ठनका ने मचाई तबाही

तीन परिवारों में पसरा मातम Katihar Storm News रविवार को मौत का पैगाम लेकर आई जब तेज आंधी और आसमानी बिजली (ठनका) की चपेट में आने से जिले में तीन लोगों की जान चली गई। बरारी, कोढ़ा और आजमनगर प्रखंडों में कुदरत के इस तांडव ने हंसते-खेलते परिवारों की खुशियां उजाड़ दीं। मृतकों में बरारी के अकमल हुसैन, कोढ़ा के मंगलेश यादव और आजमनगर के मोहम्मद अब्बास शामिल हैं, जो मवेशियों को लाने या खेती के काम के दौरान इस आपदा का शिकार हुए।

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किसानों की मेहनत पर फिरा पानी Katihar Storm News केवल जानलेवा ही नहीं थी, बल्कि इसने जिले के किसानों की आर्थिक कमर भी तोड़ दी है। तेज हवाओं के कारण प्राणपुर, बारसोई और कदवा क्षेत्रों में मक्के की तैयार फसल जमीन पर बिछ गई। इसके अलावा बागानों में आम और लीची के फल समय से पहले झड़ गए, जिससे बागवानों को भारी वित्तीय नुकसान झेलना पड़ा है। एक महीने में तीसरी बार आई इस आंधी ने कृषि क्षेत्र को संकट में डाल दिया है।

संपत्ति और बिजली व्यवस्था को भारी क्षति Katihar Storm News के दौरान दोपहर में ही घुप अंधेरा छा गया और 50 किमी की रफ्तार से चली हवाओं ने तबाही मचाई। बारसोई प्रखंड के निंधौर गांव में एक दर्जन से अधिक बिजली के पोल उखड़ गए, जिससे कई पंचायतों की बिजली गुल हो गई। वहीं बलरामपुर के भेलाई चौक पर एक विशाल पेड़ गिरने से दो दुकानें पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं। गनीमत यह रही कि इस दौरान किसी की जान नहीं गई।

सोमवार शाम तक अलर्ट जारी Katihar Storm News के बाद भी खतरा टला नहीं है क्योंकि कृषि वैज्ञानिकों ने सोमवार शाम तक फिर से तेज हवा और व्रजपात (Lightening) की चेतावनी जारी की है। प्रशासन ने ठनका गिरने की स्थिति में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है। हालांकि इस बारिश से मखाना और सब्जी की खेती को कुछ लाभ की उम्मीद है, लेकिन मक्का और केला उत्पादकों के लिए आने वाले घंटे चिंताजनक हो सकते हैं।

मुआवजे और राहत कार्य की प्रक्रिया शुरू Katihar Storm News के बाद स्थानीय जनप्रतिनिधियों और अंचल अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया है। कोढ़ा और आजमनगर के अंचलाधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और सरकारी प्रावधानों के अनुसार पीड़ित परिवारों को जल्द ही मुआवजा प्रदान किया जाएगा। बिजली विभाग की टीमें भी युद्ध स्तर पर मरम्मत कार्य में जुटी हैं ताकि प्रभावित इलाकों में आपूर्ति बहाल की जा सके।

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