जातीय हिंसा के पीड़ितों के लिए बड़ी राहत Manipur Violence Relief Fund के जरिए केंद्र सरकार ने मणिपुर में जारी जातीय हिंसा से प्रभावित लोगों के पुनर्वास और राहत के लिए 947.36 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि को मंजूरी दे दी है। एक आरटीआई (RTI) के जवाब में सामने आया है कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने विस्थापित व्यक्तियों की मदद के लिए धन का आवंटन कर दिया है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!राहत शिविरों और पुनर्वास पर होगा खर्च Manipur Violence Relief Fund की इस कुल राशि में से 523 करोड़ रुपये विशेष रूप से आंतरिक रूप से विस्थापित व्यक्तियों (IDP) के स्थायी पुनर्वास के लिए रखे गए हैं। इसके अलावा 424.36 करोड़ रुपये राज्य सरकार द्वारा संचालित राहत शिविरों के प्रबंधन और वहां रह रहे लोगों की बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के लिए स्वीकृत किए गए हैं।
हजारों घर तबाह और लाखों का नुकसान Manipur Violence Relief Fund की आवश्यकता इसलिए पड़ी क्योंकि 3 मई 2023 से शुरू हुई हिंसा में अब तक 217 लोगों की जान जा चुकी है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार करीब 7,894 मकान पूरी तरह जमींदोज हो गए हैं और 58,881 लोग अपने गांवों से विस्थापित होकर शिविरों में शरण लेने को मजबूर हुए हैं।
सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है विस्थापितों की वापसी Manipur Violence Relief Fund के उचित वितरण को लेकर राज्य के मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि विस्थापितों को उनके घरों तक वापस पहुंचाना सरकार की पहली प्राथमिकता है। वर्तमान में 174 राहत शिविर सक्रिय हैं जहां हजारों लोग रह रहे हैं और धीरे-धीरे स्थिति में सुधार के साथ लोग अपने मूल निवास की ओर लौटने लगे हैं।
आरटीआई से हुआ फंड का बड़ा खुलासा Manipur Violence Relief Fund से जुड़ी यह महत्वपूर्ण जानकारी कांग्रेस नेता हरेश्वर गोस्वामी द्वारा दायर की गई एक आरटीआई के जवाब में राज्य के गृह विभाग द्वारा दी गई है। यह कोष उन पीड़ितों के लिए नई उम्मीद लेकर आया है जिन्होंने पिछले तीन वर्षों में हिंसा के कारण अपनी जमा-पूंजी और आशियाना खो दिया है।






