Benjamin Netanyahu Corruption Trial एक बार फिर दुनिया भर की सुर्खियों में है। ईरान के साथ युद्धविराम लागू होने और इजरायल में आपातकाल हटने के तुरंत बाद प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के खिलाफ भ्रष्टाचार के पुराने मामले की फाइलें दोबारा खुलने जा रही हैं। रविवार से शुरू होने वाली यह अदालती कार्यवाही नेतन्याहू के राजनीतिक भविष्य के लिए बड़ी चुनौती मानी जा रही है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!आपातकाल खत्म होते ही अदालती कार्यवाही सक्रिय इजरायली अदालतों के प्रवक्ता ने स्पष्ट किया है कि Benjamin Netanyahu Corruption Trial अब बिना किसी देरी के रविवार से बुधवार तक नियमित रूप से चलेगा। ईरान के साथ संघर्ष के दौरान लगे आपातकाल ने स्कूल, दफ्तर और अदालतों के काम को रोक दिया था। लेकिन अब जैसे ही आसमान से मिसाइलों और ड्रोनों का खतरा टला है, नेतन्याहू के लिए कानूनी मुश्किलों का नया दौर शुरू हो गया है।
सालों पुराना केस और गंभीर आरोप Benjamin Netanyahu Corruption Trial का इतिहास साल 2019 से जुड़ा है, जब उन पर रिश्वतखोरी, धोखाधड़ी और विश्वासघात के गंभीर आरोप लगाए गए थे। 2020 में औपचारिक रूप से शुरू हुआ यह मुकदमा कई बार युद्ध और अन्य कारणों से टलता रहा है। हालांकि नेतन्याहू इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते रहे हैं, लेकिन अब न्यायिक व्यवस्था सामान्य होने से उन पर दबाव बढ़ गया है।
राजनीतिक घेराबंदी और क्षमादान की चर्चा अक्टूबर 2023 के हमास हमलों और अब Benjamin Netanyahu Corruption Trial की वापसी ने उनकी दक्षिणपंथी सरकार को कमजोर कर दिया है। जहां एक तरफ अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उन्हें क्षमादान देने का समर्थन किया है, वहीं इजरायली परंपरा में इसे काफी कठिन माना जाता है। आगामी चुनावों से पहले यह ट्रायल नेतन्याहू के लिए \’करो या मरो\’ की स्थिति पैदा कर सकता है।





