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Cockroach Janta Party: चलाएंगे 12 युवा, जानिए CJP किसे मारेगी बड़ा डेंट?

सोशल मीडिया पर तहलका मचाने वाली Cockroach Janta Party अब अपने अगले पड़ाव पर पहुँच चुकी है। इंटरनेट पर एक सैटायर (व्यंग्य) पेज के रूप में शुरू हुआ यह मूवमेंट अब केवल ऑनलाइन मीम्स तक सीमित नहीं है। CJP ने अपनी 12 सदस्यों वाली कोर टीम की घोषणा कर दी है, जिसमें वकील, सीए, पत्रकार, शोधकर्ता और इंजीनियर्स शामिल हैं। खास बात यह है कि इस टीम के सभी 12 सदस्यों की उम्र 35 साल से कम है।

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CJP core members to meet on August 5 to chart future course after NEET  protest victory

हालांकि, इस घोषणा के साथ ही सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या CJP चुनावी मैदान में उतरेगी? छत्रपति संभाजी नगर में हुई बैठक के बाद इसके संस्थापक अभिजीत दीपके ने साफ कर दिया है कि यह दल फिलहाल कोई चुनाव नहीं लड़ेगा, बल्कि देश में एक ‘प्रेशर ग्रुप’ के रूप में काम करेगा।

मुख्य पहलू विवरण
पार्टी/मूवमेंट का नाम Cockroach Janta Party (CJP)
टीम साइज और उम्र 12 कोर मेंबर्स (सभी 35 साल से कम उम्र)
कार्यप्रणाली मॉडल प्रेशर ग्रुप (सरकार पर नीतिगत दबाव बनाना)
आगामी प्लान 1 सितंबर से ‘क्या बोलती पब्लिक’ नेशनल कैंपेन

Cockroach Janta Party चलाने वाले 12 युवाओं की पूरी प्रोफाइल

संभाजी नगर में 5 अगस्त को CJP की कोर टीम की बैठक हुई।

Cockroach Janta Party की 12 सदस्यीय कोर टीम में पेशेवर रूप से दक्ष और अनुभवी युवाओं को जिम्मेदारी दी गई है:

  1. अभिजीत दीपके (संस्थापक): बोस्टन यूनिवर्सिटी से पढ़े और AAP के पूर्व सोशल मीडिया स्ट्रैटेजिस्ट।

  2. आशुतोष रंका (राष्ट्रीय प्रवक्ता): IIT कानपुर व LSE से ग्रेजुएट, CJP के मुख्य पॉलिसी मैन।

  3. सौरव दास (मुख्य प्रवक्ता): खोजी पत्रकार, एमिटी यूनिवर्सिटी के एल्युमनाई और RTI एक्टिविस्ट।

  4. अजिंक्य शिंदे: AAP महाराष्ट्र युवा विंग के पूर्व सदस्य।

  5. दीपक गुर्जर: किसान और पर्यावरण आंदोलनों से जुड़े जमीनी कार्यकर्ता।

  6. आफरीन: एमबीए ग्रेजुएट और महिला मुद्दों की कोर टीम सदस्य।

  7. मल्लंगी नागेश्वर राव: अमेरिका की कोलंबिया यूनिवर्सिटी से पढ़े सिविल इंजीनियर।

  8. रत्ना सिंह: सुप्रीम कोर्ट व हाईकोर्ट की लीगल जर्नलिस्ट से वकील बनीं लीगल एक्सपर्ट।

  9. वैष्णवी: पब्लिक पॉलिसी रिसर्चर जो थिंक टैंक्स के साथ काम कर चुकी हैं।

  10. रोहन देशपांडे: टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट और ट्रैवल ब्लॉगर।

  11. योगेश इंगले: पेशे से सीए, जो आंदोलन का पूरा फाइनेंस और ऑपरेशन्स संभाल रहे हैं।

  12. अंकित: सीए और सोशल मीडिया मामलों के जानकार।

CJP's Abhijeet Dipke in tears after Sonam Wangchuk taken away from Jantar  Mantar: 'He's not a criminal' | India News

CJP का ‘प्रेशर ग्रुप’ मॉडल क्या है और चुनाव क्यों नहीं लड़ेगी?

अभिजीत दीपके के मुताबिक, वर्तमान राजनीतिक माहौल में विपक्षी दलों पर केंद्रीय एजेंसियों का भारी दबाव रहता है और पार्टियों में टूट-फूट की आशंका बनी रहती है। ऐसे माहौल में सीधे चुनावी राजनीति में उतरने से मूल मुद्दों से ध्यान भटक जाता है।

CJP भारतीय किसान यूनियन, ABVP या बार काउंसिल ऑफ इंडिया की तर्ज पर एक ‘प्रेशर ग्रुप’ के रूप में सरकार की जनविरोधी नीतियों पर दबाव बनाने का काम करेगी। इसके लिए 1 सितंबर से ‘क्या बोलती पब्लिक’ नाम से एक देशव्यापी सदस्यता अभियान शुरू किया जा रहा है।

चुनाव में किसे डेंट मारेगी CJP: एनडीए या इंडिया ब्लॉक?

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि Cockroach Janta Party भले ही बैलेट पेपर पर न दिखे, लेकिन यह 2029 के सियासी गणित को प्रभावित करने का पूरा माद्दा रखती है:

  • विपक्ष (Congress/INDIA) को नुकसान: अगर CJP भविष्य में तीसरे विकल्प के रूप में राजनीतिक दल बनती है, तो यह पारंपरिक विपक्षी दलों (विशेषकर कांग्रेस) के असंतुष्ट वोट बैंक और युवाओं के वोटों में सेंध लगाएगी।

  • सत्तापक्ष (NDA/BJP) को नुकसान: अगर CJP केवल प्रेशर ग्रुप बनी रहती है और युवाओं, बेरोजगारी व महंगाई जैसे ज्वलंत मुद्दों पर सरकार को घेरती है, तो इसका सीधा सियासी फायदा विपक्षी दलों को मिलेगा और एनडीए के लिए चुनावी चुनौतियाँ बढ़ेंगी।

राजनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार, CJP की यह कवायद फिलहाल अपनी मजबूत पॉलिटिकल पोजिशनिंग तय करने की दिशा में उठाया गया पहला कदम है।

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