PM Modi Handloom Day : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया के माध्यम से देश की युवा पीढ़ी से एक अनोखी अपील की है। राष्ट्रीय हथकरघा दिवस (National Handloom Day) के मौके पर पीएम ने एक वीडियो जारी कर युवाओं को स्वदेशी कपड़ों को अपनाने और भारतीय बुनकरों के हुनर को दुनिया के सामने लाने का संदेश दिया है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!पीएम मोदी ने इस दौरान सोशल मीडिया पर बेहद लोकप्रिय ‘GRWM’ यानी ‘Get Ready With Me’ ट्रेंड का जिक्र करते हुए युवाओं को इससे जुड़ने के लिए कहा।
‘फ्रेंडशिप डे’ जैसा उत्साह दिखाने का आह्वान
प्रधानमंत्री ने कहा कि जिस तरह देश भर में युवाओं ने पिछले सप्ताह फ्रेंडशिप डे बेहद उत्साह के साथ मनाया, ठीक उसी तरह 7 अगस्त को राष्ट्रीय हथकरघा दिवस भी पूरी उमंग के साथ मनाया जाना चाहिए।
उन्होंने 7 अगस्त 1905 के ऐतिहासिक दिन को याद दिलाते हुए कहा कि इसी दिन अंग्रेजों के खिलाफ देशवासियों ने स्वदेशी आंदोलन की शुरुआत की थी। देश की आजादी की इस महत्वपूर्ण कड़ी को सम्मान देने के लिए ही इस दिन को हथकरघा दिवस के रूप में चुना गया है।
‘GRWM’ ट्रेंड से कैसे जुड़ें युवा? | PM Modi Handloom Day
सोशल मीडिया पर आजकल तैयार होने के तरीके और परिधानों को दिखाने के लिए ‘Get Ready With Me’ वीडियो बनाने का काफी चलन है। प्रधानमंत्री ने इसी फॉर्मेट का जिक्र करते हुए कहा कि युवा हथकरघा वस्त्र पहनकर अपने छोटे-छोटे वीडियो बनाएं और उन्हें सोशल मीडिया पर शेयर करें।
उन्होंने कहा कि ऐसा करने से न सिर्फ भारतीय परिधानों की विविधता दुनिया के सामने आएगी, बल्कि देश के उन गरीब बुनकर परिवारों की मेहनत को भी पहचान मिलेगी जो घरों में लूम चलाकर अपनी आजीविका चलाते हैं।
Tomorrow, 7th August is National Handloom Day. Let’s make India’s handloom diversity popular.
Share your videos with your favourite handloom products, including GRWM videos on social media.
Don’t forget to use #NationalHandloomDay. pic.twitter.com/zoFdTXphRL
— Narendra Modi (@narendramodi) August 6, 2026
PM Modi Handloom Day: स्थानीय बुनकरों को आर्थिक मजबूती देने का लक्ष्य
प्रधानमंत्री मोदी ने जोर देकर कहा कि देश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सबसे बड़ा कदम स्थानीय कारीगरों को सशक्त करना है। जब आम लोग और युवा वर्ग स्थानीय बुनकरों के बनाए उत्पाद खरीदेंगे और उनका प्रचार करेंगे, तो इन गरीब परिवारों को सीधे तौर पर आर्थिक लाभ पहुंचेगा।
उन्होंने देशवासियों से आग्रह किया कि हर व्यक्ति 7 अगस्त को कम से कम एक हथकरघा उत्पाद जरूर खरीदे और भारत के इस गौरवशाली हुनर को वैश्विक पटल पर प्रस्तुत करने में अपना योगदान दे।




